जादुई पानी के मटके में रहस्यमय गांव
बहुत पुराने समय की बात है।ऊँचे पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे एक शांत गांव में नील नाम का एक जिज्ञासु बालक रहता था।उसकी आँखों में सपने थे और दिल में अनगिनत सवाल।
नील को रहस्यमयी चीज़ों से खास लगाव था।वह अक्सर नदी किनारे बैठकर पानी की लहरों को देखता और सोचता—क्या पानी में भी कोई दुनिया छिपी हो सकती है?
गांव के लोग उसे हंसकर “सपनों वाला लड़का” कहते थे।लेकिन उसकी दादी हमेशा कहतीं,“जिसके मन में प्रश्न होते हैं, उसी को उत्तर मिलते हैं।”
एक दिन नील जंगल के अंदर बहुत दूर निकल गया।आसमान पर बादल छाए थे और हवा में अजीब-सी ठंडक थी।चलते-चलते उसे एक पुराना, टूटा हुआ कुआं दिखाई दिया।
कुएं के पास मिट्टी में आधा दबा एक बड़ा मटका रखा था।मटका साधारण नहीं था।उस पर नीले रंग की चमकती लहरों जैसे चिन्ह बने थे।
नील ने धीरे से मटके को बाहर निकाला।जैसे ही उसने उसे सीधा किया,उसके अंदर से पानी की हल्की-सी चमक दिखाई दी।
पानी बिल्कुल साफ था,लेकिन उसमें जैसे आसमान के तारे झिलमिला रहे थे।नील मंत्रमुग्ध हो गया।
उसने झुककर पानी में झांका।अचानक उसे लगा कि वह पानी के भीतर कोई छोटा-सा गांव देख रहा है।वह अपनी आँखें मलने लगा।
पर दृश्य गायब नहीं हुआ।वहां छोटे-छोटे घर थे,एक नीली नदी बह रही थी और लोग इधर-उधर चल रहे थे।
नील का दिल जोर से धड़कने लगा।“क्या सच में पानी के भीतर एक गांव है?”उसने खुद से पूछा।
तभी मटके के अंदर से एक मधुर आवाज गूंजी,“जो सच्चे दिल से देखे, वही सच्चाई पाए।”नील घबराया, पर उसने पीछे कदम नहीं हटाया।
अचानक मटके का पानी घूमने लगा।नीली रोशनी चारों ओर फैल गई।और अगले ही पल नील खुद उस पानी वाले गांव के बीच खड़ा था।
वह चौंक गया।उसके पैरों के नीचे मिट्टी थी,लेकिन चारों ओर हल्की-सी नीली चमक फैली हुई थी।
गांव के लोग उसे देखकर हैरान रह गए।उनमें से एक बूढ़ी स्त्री आगे आई।उसकी आँखों में गहराई थी।
“तुम बाहरी दुनिया से आए हो,” उसने कहा।नील ने हां में सिर हिलाया।
बूढ़ी स्त्री ने बताया कि यह गांव जादुई पानी की शक्ति से बना है।सालों पहले एक लालची जादूगर ने इसे अपने स्वार्थ के लिए मटके में बंद कर दिया था।तभी से यह गांव पानी के भीतर कैद है।
“हम तभी मुक्त होंगे,जब कोई निडर और दयालु हृदय वाला बच्चा आएगा,”स्त्री ने कहा।
नील समझ गया कि यह संयोग नहीं है।उसे यहां किसी उद्देश्य से लाया गया है।
गांव के बीच एक विशाल फव्वारा था।उसमें से चमकता हुआ पानी निकल रहा था।वही इस जादू का केंद्र था।
“अगर तुम इस फव्वारे के हृदय को छू सको,तो हमारा बंधन टूट जाएगा,”गांव वालों ने बताया।
नील फव्वारे के पास गया।अचानक आकाश में काले बादल छा गए।पानी उफनने लगा।
धुएं से एक विशाल आकृति प्रकट हुई।वह वही जादूगर था जिसने गांव को कैद किया था।
उसकी आँखें बिजली की तरह चमक रही थीं।उसने गरजते हुए कहा,“कौन है जो मेरे जादू को चुनौती दे रहा है?”
नील कांपा,लेकिन उसने साहस जुटाकर कहा,“मैं तुम्हारे डर से नहीं भागूंगा।”
जादूगर हंसा।“अगर तुम फव्वारे को छुओगे,तो तुम हमेशा के लिए यहां फंस जाओगे।”
नील ने गांव वालों की ओर देखा।उनकी आंखों में उम्मीद थी।
उसने सोचा—अगर मैं डर गया, तो ये लोग कभी आजाद नहीं होंगे।
जादूगर ने उसे तीन परीक्षाएं दीं।
पहली परीक्षा थी—साहस की।नील को एक गहरे, अंधेरे पानी में कूदना था।
पानी ठंडा और डरावना था।उसे लगा जैसे वह डूब जाएगा।पर उसने खुद पर विश्वास रखा।
अचानक पानी शांत हो गया।वह सतह पर आ गया।पहली परीक्षा पूरी हुई।
दूसरी परीक्षा थी—दयालुता की।एक बच्चा घायल होकर गिरा पड़ा था।अगर नील उसकी मदद करता, तो समय खत्म हो जाता।
नील ने बिना सोचे उसकी मदद की।घायल बच्चा मुस्कुराया और रोशनी में बदल गया।
तीसरी परीक्षा थी—विश्वास की।जादूगर ने कहा,“अगर तुम फव्वारे के हृदय को छुओगे, तुम सब कुछ खो दोगे।”
नील ने गहरी सांस ली।उसने अपनी आंखें बंद कीं और कहा,“सच्चा जादू डर से नहीं, प्रेम से बनता है।”
उसने फव्वारे को छू लिया।
पूरा गांव चमक उठा।नीली रोशनी आसमान तक फैल गई।
जादूगर चीखा और धुएं में बदल गया।उसका जादू टूट चुका था।
अचानक सब कुछ घूमने लगा।नील ने खुद को फिर जंगल के पास पाया।मटका अब शांत और साधारण था।
लेकिन सामने वही गांव खड़ा था—अब असली दुनिया में।
लोग खुशियां मना रहे थे।बूढ़ी स्त्री ने आशीर्वाद दिया,“तुमने हमें नया जीवन दिया।”
नील घर लौटा।अब गांव वाले उसे सपनों वाला नहीं कहते थे।वे जानते थे कि उसके सपनों में सच्चाई है।
रात को जब वह सोया,तो उसे लगा जैसे मटका हल्की-सी चमक रहा है।
मानो वह कह रहा हो—“हर बूंद में एक दुनिया छिपी है।”
नील मुस्कुराया।उसे समझ आ गया था कि जादू बाहर नहीं,बल्कि हमारे विश्वास और दया में है।
✨ सीख:साहस, दया और विश्वास—यही असली जादू है।
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